अररिया जिले के पलासी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ऑनलाइन मोबाइल गेम में पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में 10वीं कक्षा के एक छात्र की कथित तौर पर उसके ही दोस्तों ने हत्या कर दी। मृतक छात्र की पहचान करोड़ दिघली उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र विशाल कुमार के रूप में हुई है। वह 18 मई से लापता था। बुधवार सुबह उसका शव मजलिशपुर पंचायत के कुजरी बेलबाड़ी गांव स्थित बांस की झाड़ी से बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, विशाल स्कूल से घर लौटने के बाद अचानक गायब हो गया था। काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान परिजनों के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें विशाल को छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। परिजनों ने तत्काल पलासी थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी ही थी कि दो दिन बाद विशाल का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की मां ममता देवी ने बताया कि उनका बेटा सामान्य दिनों की तरह स्कूल गया था, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। बाद में फिरौती की मांग आने से अपहरण की आशंका गहरा गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर विशेष जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। संदेह के आधार पर मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि विशाल और उसके दोस्त ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते थे, जिसमें “डॉलर” के रूप में पैसे लगाए जाते थे। गेम में पैसों के लेनदेन को लेकर आपसी विवाद बढ़ गया और इसी विवाद में दोस्तों ने मिलकर विशाल की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार ‘दाबिया’ भी बरामद कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही पलासी थाना पुलिस के साथ एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। विशाल के पिता श्रीलाल महतो और बड़ा भाई मुंबई में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घर पर मां ममता देवी और बहन पूजा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं कि मामूली पैसों और मोबाइल गेम के विवाद में दोस्त ही कातिल बन गए।
इस घटना के बाद एसपी जितेंद्र कुमार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल देने के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की लत बच्चों को अपराध की ओर धकेल सकती है, इसलिए अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।


